मंगल बीज मन्त्र Mangal Beej Mantra
ज्योतिष परम्परा में प्रयुक्त मंगल का प्रचलित त्रि-बीज मन्त्र।
- देवता मंगल देव
- प्रकार बीज मन्त्र
- भाषा संस्कृत
- परम्परा अनेक परम्पराओं में प्रचलित
- स्रोत पारम्परिक भक्ति पाठ (प्रचलित मुद्रित एवं मौखिक रूप) — Commonly printed in Jyotish and graha-shanti manuals
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मार्गदर्शन-सूचना। कुछ परम्पराओं के अनुसार बीज मन्त्रों का अभ्यास योग्य गुरु के मार्गदर्शन में होना चाहिए। अपनी परंपरा के निर्देशों का पालन करें।
मूल पाठ
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मन्त्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ॥oṃ krāṃ krīṃ krauṃ saḥ bhaumāya namaḥ ||
रोमन पंक्ति देवनागरी से बना IAST लिप्यन्तरण है (ā = दीर्घ आ, ṃ = अनुस्वार, ḥ = विसर्ग, ś/ṣ = श/ष, c = च)। हिन्दी, अवधी और ब्रज पाठों में शब्द के अन्त का मौन 'अ' नहीं लिखा जाता। लिप्यन्तरण में वैदिक स्वर नहीं दिखते।
पारम्परिक सन्दर्भ
ग्रह बीज मन्त्र परंपरागत ज्योतिषीय उपायों में गिने जाते हैं। कुछ ज्योतिष परम्पराएँ कुण्डली में निर्बल या पीड़ित माने गए ग्रह के लिए इनके जप को जोड़ती हैं। यह परम्परागत प्रथा है; किसी परिणाम की गारण्टी नहीं है।
सम्बन्धित
मंगल देव के और पाठ
इन्हीं अवसरों के लिए
- अष्टकम् · भगवान कार्तिकेय सुब्रह्मण्य अष्टकम् (करावलम्ब स्तोत्र) Subrahmanya Ashtakam (Karavalamba Stotram)
- स्तुति · श्री हनुमान मनोजवं मारुततुल्यवेगं Manojavam Marutatulyavegam
- स्तुति · श्री हनुमान अतुलितबलधामं Atulita Baladhamam
- मन्त्र · श्री हनुमान ॐ हं हनुमते नमः Om Ham Hanumate Namah
- चालीसा · श्री हनुमान श्री हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa
प्रश्न
मंगल बीज मन्त्र क्या है?
ज्योतिष परम्परा में प्रयुक्त मंगल का प्रचलित त्रि-बीज मन्त्र।
मंगल बीज मन्त्र किस देवता से जुड़ा है?
मंगल बीज मन्त्र मंगल देव से जुड़ा है। नवग्रहों में मंगल; मंगलवार उनका दिन है।
मंगल बीज मन्त्र का अर्थ क्या है?
ॐ, (बीज क्रां क्रीं क्रौं सः) — भौम (भूमिपुत्र मंगल) को नमस्कार।
मंगल बीज मन्त्र का पारम्परिक प्रयोग कैसे होता है?
ग्रह बीज मन्त्र परंपरागत ज्योतिषीय उपायों में गिने जाते हैं। कुछ ज्योतिष परम्पराएँ कुण्डली में निर्बल या पीड़ित माने गए ग्रह के लिए इनके जप को जोड़ती हैं। यह परम्परागत प्रथा है; किसी परिणाम की गारण्टी नहीं है।
मंगल बीज मन्त्र का स्रोत क्या है?
पारम्परिक भक्ति पाठ (प्रचलित मुद्रित एवं मौखिक रूप) — Commonly printed in Jyotish and graha-shanti manuals. परम्परा: अनेक परम्पराओं में प्रचलित।