अंक ज्योतिष
अंक ज्योतिष
भारतीय अंक ज्योतिष में प्रचलित कैल्डियन पद्धति से आपका मूलांक, भाग्यांक और नामांक, साथ में स्वामी ग्रह, मित्र अंक और इस माह की शुभ तारीखें।
अंक ज्योतिष एक पारम्परिक मान्यता है, खगोलीय गणना नहीं। नीचे के अंक इसकी घोषित परिपाटी के अनुसार हैं; इनका कोई वैज्ञानिक दावा नहीं है।
आपका विवरण
अंक, ग्रह और अक्षर
| अंक | स्वामी ग्रह | मित्र अंक | कैल्डियन अक्षर |
|---|---|---|---|
| 1 | सूर्य | 2, 3, 9 | A I J Q Y |
| 2 | चन्द्र | 1, 5 | B K R |
| 3 | गुरु | 1, 2, 9 | C G L S |
| 4 | राहु | 1 (कीरो की जोड़ी; बृहत्पाराशर होराशास्त्र में राहु-केतु की नैसर्गिक मैत्री नहीं दी गई है) | D M T |
| 5 | बुध | 1, 6 | E H N X |
| 6 | शुक्र | 5, 8 | U V W |
| 7 | केतु | 2 (कीरो की जोड़ी; बृहत्पाराशर होराशास्त्र में राहु-केतु की नैसर्गिक मैत्री नहीं दी गई है) | O Z |
| 8 | शनि | 5, 6 | F P |
| 9 | मंगल | 1, 2, 3 | — |
अंक कैसे निकाले जाते हैं
- मूलांक: जन्म दिनांक के अंकों को तब तक जोड़ा जाता है जब तक एक अंक न बचे (जैसे 29 → 2 + 9 = 11 → 2)।
- भाग्यांक: पूरी जन्म तारीख (दिन, माह, वर्ष) के सभी अंकों का योग, एक अंक तक घटाया गया।
- नामांक: हर अक्षर का कैल्डियन मान (1 से 8; 9 किसी अक्षर का नहीं) जोड़ा जाता है; योग संयुक्त अंक है, जिसे एक अंक तक घटाया जाता है।
- भारतीय अंक ज्योतिष में स्वामी ग्रह: 1 सूर्य, 2 चन्द्र, 3 गुरु, 4 राहु, 5 बुध, 6 शुक्र, 7 केतु, 8 शनि, 9 मंगल।
- मित्र अंक स्वामी ग्रह के नैसर्गिक मित्र ग्रहों के अंक हैं (पराशर की नैसर्गिक मैत्री, बृहत्पाराशर होराशास्त्र अध्याय 3)।
पद्धतियाँ भिन्न हैं: पाइथागोरियन पद्धति (A=1 … I=9, J=1 …) से नामांक अलग आता है, कीरो 4 को यूरेनस और 7 को नेपच्यून देते हैं, और लेखक अलग-अलग मित्र अंक व शुभ तारीखें बताते हैं।