बच्चों के लिए त्योहारों की कहानियाँ
छोटी, प्यारी चित्र-कथाएँ जो बताती हैं कि हम अपने त्योहार क्यों मनाते हैं — साथ बैठकर पढ़िए या सुनिए।
- दिवाली पर हम दीये क्यों जलाते हैं?एक राजकुमार घर लौटता है, और पूरा नगर उसके स्वागत में जगमगा उठता है।
- होली पर हम रंगों से क्यों खेलते हैं?एक बालक जो कभी नहीं डरा, एक होलिका की आग, और रंगों से भरी सुबह।
- नन्हे कृष्ण का आधी रात का जन्मदिनआधी रात को जन्मा एक शिशु, रास्ता देती नदी, और मक्खन से भरी मटकी।
- गणेश जी का घर में स्वागतबुद्धि के मित्र, एक नन्हा चूहा और मोदकों की थाली।
- प्रेम का धागा: रक्षा बंधनकपड़े का एक फटा टुकड़ा, एक वचन, और एक रंगीन धागा।
- नौ रातें और विजय का एक दिनमाँ दुर्गा का साहस, गरबे का दीया, और राम का धनुष।
- धन्यवाद, सूर्य देव! मकर संक्रान्ति और पोंगलआसमान में पतंगें, तिल की मिठाई, और उफनता हुआ बर्तन।
- ओणम: एक दयालु राजा का आगमनएक उदार राजा, तीन छोटे क़दम, और फूलों का क़ालीन।
- गुरु पूर्णिमा: अपने गुरुओं को धन्यवाद देने का दिनएक महान ऋषि, पूरा चाँद, और हमें सिखाने वाले हर व्यक्ति को धन्यवाद।
- महाशिवरात्रि: शिव की महान रात्रिमथा जाता सागर, दया का एक साहसी काम, और प्रार्थना की रात।
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