प्रसाद और त्योहारों के व्यंजन
पूजा और त्योहारों के पारम्परिक भोग — पंचामृत, मोदक, खीर, ठेकुआ, पोंगल और भी बहुत कुछ — सामग्री की मात्रा, विधि और किन दिनों चढ़ाए जाते हैं, इसके साथ।
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बिना अनाज7व्रत में प्रायः बनते हैं
व्रत और भोग की परम्पराएँ परिवार, क्षेत्र और सम्प्रदाय के अनुसार अलग-अलग होती हैं — कुछ लोग नमक, दूध, चीनी या कुछ सब्ज़ियाँ बिल्कुल नहीं लेते। अपनी परम्परा और बड़ों के मार्गदर्शन का पालन करें।
- पंचामृत दूध, दही, घी, शहद और शक्कर — ये पाँच अमृत, जिनसे अभिषेक होता है और फिर प्रसाद के रूप में बाँटे जाते हैं। बिना अनाजबिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- चरणामृत तुलसी वाला हल्का, सुगंधित दूध-दही का प्रसाद, जो आरती के बाद चम्मच से दिया जाता है। बिना अनाजबिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- तले हुए मोदक (तळणीचे मोदक) नारियल-गुड़ की मीठी भरावन वाले कुरकुरे गेहूँ के मोदक — गणेश जी की प्रिय मिठाई। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- उकडीचे मोदक (भाप में पके चावल के मोदक) चावल के आटे के मुलायम, भाप में पके मोदक, नारियल-गुड़ की भरावन के साथ; ऊपर से एक चम्मच घी। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- सूजी का शीरा (हलवा) घी में भुनी सूजी, दूध और चीनी के साथ पकी — सत्यनारायण कथा का पारम्परिक प्रसाद। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- कड़ा प्रसाद (आटे का हलवा) आटा, घी और चीनी बराबर मात्रा में — गुरुद्वारे का पवित्र प्रसाद, जो घरों में गुरु नानक जयंती और अरदास पर भी बनता है। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- चावल की खीर दूध में धीरे-धीरे पके चावल की मलाईदार खीर — शरद पूर्णिमा, श्राद्ध और अनेक पर्वों पर अर्पित। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- साबूदाना खिचड़ी भीगे साबूदाने, मूँगफली, आलू और जीरे की खिचड़ी — उपवास का पेट भरने वाला भोजन। बिना अनाजकेवल सेंधा नमकबिना प्याज़-लहसुन
- कुट्टू की पूरी आलू मिलाकर बनी कुट्टू के आटे की मुलायम पूरियाँ — नवरात्रि व्रत की सबसे प्रिय रोटी। बिना अनाजकेवल सेंधा नमकबिना प्याज़-लहसुन
- सिंघाड़े के आटे का हलवा व्रत के दिनों के लिए सिंघाड़े के आटे का झटपट बनने वाला स्वादिष्ट हलवा। बिना अनाजबिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- तिल के लड्डू भुने तिल और गुड़ के गरमाहट देने वाले लड्डू, जो मकर संक्रान्ति पर बाँटे जाते हैं। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- पूरन पोळी मीठी चने की दाल और गुड़ से भरी मुलायम रोटी — होली और गुढी पाडवा का पर्व-नैवेद्य। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- सक्करई पोंगल (मीठा पोंगल) गुड़ और घी के साथ पके चावल और मूँग दाल — वही पकवान जिसके नाम पर फ़सल का यह पर्व है। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- तिलकुट गुड़ या चीनी के साथ कूटे तिल की कुरकुरी टिकियाँ — बिहार और झारखंड की संक्रान्ति की मिठाई। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- ठेकुआ लकड़ी के साँचे में छपे, गेहूँ-गुड़ के कुरकुरे ठेकुए — छठ पूजा का अनिवार्य प्रसाद। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- गुझिया खोया, सूजी और मेवे से भरी अर्धचंद्र आकार की गुझिया — होली की मिठाई। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- मालपुआ सौंफ-इलायची वाले, चाशनी में डूबे मुलायम पुए — होली पर और मंदिरों के भोग में बनते हैं। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- अन्नम नैवेद्यम (घी और दाल के साथ चावल) घी और सादी दाल के साथ पके चावल — दक्षिण भारत के अनेक घरों का रोज़ का नैवेद्य। नमक वालाबिना प्याज़-लहसुन
- रवा केसरी घी और काजू वाला केसरिया रंग का सूजी का मीठा — दक्षिण भारत का प्रिय प्रसाद। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- पाल पायसम (केरल का दूध पायसम) दूध में धीरे-धीरे पके चावल का हल्का गुलाबी, मलाईदार पायसम — ओणम और केरल के मंदिरों का पर्व-पकवान। बिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- धनिया पंजीरी भुना धनिया पाउडर, चीनी, मखाने और मेवे — जन्माष्टमी की आधी रात का प्रसाद। बिना अनाजबिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
- मखाने की खीर दूध में पके भुने मखानों की मलाईदार खीर — व्रत के दिनों के लिए। बिना अनाजबिना नमकबिना प्याज़-लहसुन
ये विधियाँ हमारी संपादकीय टीम ने घरों की प्रचलित परम्परा के आधार पर लिखी हैं। माप: 1 कप = 240 मि.ली., 1 बड़ा चम्मच = 15 मि.ली., 1 छोटा चम्मच = 5 मि.ली.।