प्रश्न कुंडली
प्रश्न पूछे जाने के क्षण की, आपके स्थान के लिए कुंडली: लग्न, चंद्रमा और सभी ग्रहों की स्थिति। जन्म विवरण की आवश्यकता नहीं।
यह कुंडली पृष्ठ खोलने के क्षण की है। किसी अन्य क्षण के लिए पृष्ठ फिर से खोलें या समय दर्ज करें।
प्रश्न कुंडली
- सूर्य
- चन्द्र
- मंगल
- बुध
- गुरु
- शुक्र
- शनि
- राहु
- केतु
- वक्री
- अस्त
- लग्न
प्रश्न के मुख्य तथ्य
ये कुंडली के गणना किए गए तथ्य हैं। इनका विचार प्रश्न पर और अपनाई गई प्रश्न पद्धति पर निर्भर करता है।
ग्रह स्थिति
| ग्रह | राशि | राशि में अंश | नक्षत्र – चरण | नक्षत्र स्वामी | भाव | वक्री | अस्त | स्थिति (बल) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| लग्न | कुम्भ | 29°31'39" | पूर्वा भाद्रपद-3 | गुरु | 1 | — | — | — |
| सूर्य | कन्या | 16°02'59" | हस्त-2 | चन्द्र | 8 | नहीं | — | सम राशि |
| चन्द्र | मिथुन | 15°08'03" | आर्द्रा-3 | राहु | 5 | नहीं | नहीं | मित्र राशि |
| मंगल | कर्क | 8°53'46" | पुष्य-2 | शनि | 6 | नहीं | नहीं | नीच |
| बुध | तुला | 9°40'21" | स्वाती-1 | राहु | 9 | नहीं | नहीं | मित्र राशि |
| गुरु | कर्क | 25°47'43" | आश्लेषा-3 | बुध | 6 | नहीं | नहीं | उच्च |
| शुक्र | तुला | 14°14'57" | स्वाती-3 | राहु | 9 | व · हाँ | नहीं | मूलत्रिकोण |
| शनि | मीन | 17°08'36" | रेवती-1 | बुध | 2 | व · हाँ | नहीं | सम राशि |
| राहु | कुम्भ | 3°20'47" | धनिष्ठा-4 | मंगल | 1 | हाँ* | — | अवर्गीकृत |
| केतु | सिंह | 3°20'47" | मघा-2 | केतु | 7 | हाँ* | — | अवर्गीकृत |
* राहु, केतु: राहु-केतु सदा पीछे की ओर चलते हैं. अस्त होने के लिए सूर्य से प्रचलित दूरियाँ ली गई हैं (चन्द्र 12°, मंगल 17°, बुध 14° या वक्री 12°, गुरु 11°, शुक्र 10° या वक्री 8°, शनि 15°)। ग्रह की उच्च-नीच आदि स्थिति पराशर के अनुसार है; परम्पराओं में मतभेद के कारण राहु-केतु वर्गीकृत नहीं किए गए।
भाव-संख्याएँ लग्न राशि से सम्पूर्ण राशि (whole-sign) पद्धति से गिनी गई हैं (इस प्रोफ़ाइल की भाव पद्धति)।
परिचय
प्रश्न ज्योतिष में ज्योतिषी उस क्षण और उस स्थान की कुंडली बनाता है जब और जहाँ प्रश्न पूछा गया, और प्रश्न का विचार करने के लिए लग्न, लग्नेश और चंद्रमा को देखता है। कुंडली की गणना ठीक जन्म कुंडली की तरह होती है।
प्रश्न ज्योतिष की पद्धतियाँ परंपराओं में बहुत भिन्न हैं (जैसे केरल की प्रश्न मार्ग पद्धति, ताजिक और कृष्णमूर्ति पद्धति), और प्रश्न का क्षण तय करने का तरीका भी। यह पृष्ठ केवल कुंडली देता है, उसका फलादेश नहीं करता।
प्रोफ़ाइल: उत्तर भारतीय · लाहिरी (समायोजित); अयनांश: लाहिरी (समायोजित); राहु/केतु: मध्यम पात।
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।