आज · पटना स्थान बदलें
आज के दो घटी मुहूर्त शनिवार, 3 अक्टूबर 2026
आपके शहर के लिए दिन और रात के 30 मुहूर्त (प्रत्येक दो घटी) उनके पारंपरिक नाम और स्वभाव के साथ।
सूर्योदय . सूर्यास्त . ब्रह्म मुहूर्त से . गुलिक काल से . राहु काल से . अभिजित मुहूर्त से . यमगण्ड से . अभी: अष्टमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र।
शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 के समय
| # | मुहूर्त | समय | प्रकृति |
|---|---|---|---|
| 1 | रुद्र | से | अशुभ |
| 2 | अहि | से | अशुभ |
| 3 | मित्र | से | शुभ |
| 4 | पितृ | से | अशुभ |
| 5 | वसु | से | शुभ |
| 6 | वार | से | शुभ |
| 7 | विश्वेदेव | से | शुभ |
| 8 | विधि (अभिजित) | से | शुभ |
| 9 | शतमुखी | से | शुभ |
| 10 | पुरुहूत† | से | सामान्य |
| 11 | वह्नि | से | अशुभ |
| 12 | नक्तनकर | से | अशुभ |
| 13 | वरुण | से | शुभ |
| 14 | अर्यमा | से | शुभ |
| 15 | भग | से | अशुभ |
| # | मुहूर्त | समय | प्रकृति |
|---|---|---|---|
| 1 | गिरीश† | से | सामान्य |
| 2 | अजपाद | से | अशुभ |
| 3 | अहिर्बुध्न्य | से | शुभ |
| 4 | पुष्य | से | शुभ |
| 5 | अश्विनी | से | शुभ |
| 6 | यम | से | अशुभ |
| 7 | अग्नि† | से | सामान्य |
| 8 | विधातृ | से | शुभ |
| 9 | कण्ड | से | शुभ |
| 10 | अदिति | से | शुभ |
| 11 | जीव / अमृत | से | शुभ |
| 12 | विष्णु | से | शुभ |
| 13 | द्युमद्गद्युति | से | शुभ |
| 14 | ब्रह्म | से | शुभ |
| 15 | समुद्र | से | शुभ |
† प्रकाशित तालिकाएँ इस मुहूर्त के स्वभाव पर एकमत नहीं हैं, इसलिए इसे सामान्य दिखाया गया है।
* एक परंपरा इस वार को यह मुहूर्त वर्जित मानती है (सोमवार और शुक्रवार को विधि, रविवार को अर्यमा), इसलिए आज इसे सामान्य दिखाया गया है।
परिचय
एक मुहूर्त दो घटी का होता है, यानी पूरे दिन-रात का तीसवाँ भाग। सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात, दोनों पंद्रह-पंद्रह मुहूर्तों में बँटे होते हैं। हर मुहूर्त का एक पारंपरिक नाम है और उसे शुभ या अशुभ माना जाता है। दिन का आठवाँ मुहूर्त (विधि) ही अभिजित मुहूर्त है।
आपके स्थान पर दिनमान और रात्रिमान को 15-15 बराबर भागों में बाँटा जाता है, इसलिए इनकी अवधि ऋतु के साथ बदलती है।
नाम शास्त्रीय सूची के अनुसार हैं (रुद्र … भग, गिरीश … समुद्र)। किसी मुहूर्त को शुभ या अशुभ तभी दिखाया गया है जब आम तौर पर प्रकाशित तालिकाएँ (विकिपीडिया की मुहूर्त तालिका और प्रकाशित पंचांगों की तालिकाएँ) एकमत हों।
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।
इस दिन का सम्पूर्ण पंचांग
तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय और चन्द्रोदय, सभी शुभ-अशुभ काल, पंचक, भद्रा और पर्व — आपके स्थान के लिए।