त्योहार

होलिका दहन

फाल्गुन पूर्णिमा को प्रदोष काल में भद्रा रहित होलिका दहन।

नई दिल्ली, Delhi, India 28.6214°, 77.2148° Asia/Kolkata (UTC+05:30) उत्तर भारतीय · लाहिरी (समायोजित)

अगली तिथि मार्च 2027 21 रविवार 168 दिन बाद

रविवार, 21 मार्च 2027 का समय

लागू नियम: स्मार्त — भद्रा मध्यरात्रि के बाद तक है और भद्रा पुच्छ प्रदोष व मध्यरात्रि के बीच नहीं है, इसलिए होलिका दहन प्रदोष में, भद्रा मुख को छोड़कर। (सेटिंग: होलिका दहन व भद्रा: प्रचलित उत्तर भारतीय नियम (भद्रा के बाद प्रदोष; अन्यथा मध्यरात्रि से पहले; अन्यथा भद्रा पुच्छ; भद्रा मुख कभी नहीं))

नहीं चुना गया:

  • कुछ पण्डितों (जैसे काशी) का वैकल्पिक नियम: भद्रा समाप्त होने तक प्रतीक्षा, भले मध्यरात्रि के बाद। से
  • भद्रा पुच्छ — प्रदोष से मध्यरात्रि के बाहर होने से उपयोगी नहीं। से
  • प्रदोष काल से
  • निशीथ काल से
  • भद्रा (विष्टि) से
  • भद्रा पुच्छ से
  • भद्रा मुख से
यही तिथि क्यों?
  • भद्रा मध्यरात्रि के बाद तक है और उसका पुच्छ सन्ध्या में नहीं है; भद्रा मुख छोड़कर प्रदोष लिया गया।

पूजा विधि

मंत्र और भक्ति

इस पर्व के सभी मन्त्र, आरतियाँ और स्तोत्र

पूरे भारत में

यह त्योहार अलग-अलग क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है, क्षेत्रीय नामों और हर तिथि के नियम के साथ।

क्षेत्रीय मार्गदर्शिका पढ़ें

तिथि का निर्धारण कैसे होता है

  1. तिथि फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा है; अमान्त और पूर्णिमान्त दोनों पद्धतियों में मास का नाम एक ही है।
  2. यह उस दिन होता है जिस दिन प्रदोष काल में यह तिथि व्याप्त हो — सूर्यास्त के बाद रात्रि का पहला पंचमांश।
  3. यदि तिथि लगातार दो दिन उस काल में व्याप्त हो तो जिस दिन वह उस काल के अधिक भाग में रहे, वह दिन लिया जाता है।
  4. यदि तिथि किसी भी दिन उस काल को स्पर्श न करे (क्षय तिथि), तो जिस हिन्दू दिन में तिथि सबसे अधिक समय रहे, वह दिन लिया जाता है।
  5. अनुष्ठान की समय अवधि में से भद्रा (विष्टि करण) को हटा दिया जाता है।
  6. यदि पूरे काल में भद्रा हो, तो दर्शाई गई समय अवधि भद्रा समाप्त होने से आरम्भ होती है।
  7. जिस वर्ष उसी नाम का अधिक मास हो, उस वर्ष यह शुद्ध (निज) मास में मनाया जाता है।

पारम्परिक भिन्नता

प्रदोष में भद्रा हो तो अनेक पंचांग भद्रा पुच्छ में या भद्रा समाप्ति के बाद दहन की अनुमति देते हैं; स्थानीय मार्गदर्शन देखें।

यह ऊपर दिए नियम के अनुसार चुने गए स्थान के लिए तिथि है। यही एकमात्र मान्य तिथि नहीं है: क्षेत्रीय पंचांग, पारिवारिक परम्परा और सम्प्रदाय इसे अलग दिन भी मना सकते हैं।

नियम का स्रोत: Tithi–kaal rule of the Dharmashastra digests (Nirnaya Sindhu / Dharma Sindhu), as applied by modern drik-ganita (computed) Panchangs

परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।

गणना: इंजन 1.4.2 · नियम rules-2026-09-29-a0a4505e · प्रोफ़ाइल north-lahiri-calibrated v1 · अयनांश lahiri_drik_compat · astronomy-engine@2.1.19 · Asia/Kolkata

2026 की तिथियाँ

होलिका दहन — 2026
दिनांकनिर्धारक तिथि / क्षणसमय अवधिनिर्णय टिप्पणी
03/03/2026 (मंगल)
फाल्गुन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: से
  • प्रदोष काल से (2 घं 28 मि)
  • होलिका दहन अगले दिन के प्रदोष में (उस सूर्योदय के बाद पूर्णिमा साढ़े तीन प्रहर रहती है)।

2027 की तिथियाँ

होलिका दहन — 2027
दिनांकनिर्धारक तिथि / क्षणसमय अवधिनिर्णय टिप्पणी
21/03/2027 (रवि) अगली
फाल्गुन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: से
  • प्रदोष काल से (2 घं 22 मि)
  • भद्रा मध्यरात्रि के बाद तक है और उसका पुच्छ सन्ध्या में नहीं है; भद्रा मुख छोड़कर प्रदोष लिया गया।

सम्बन्धित

व्हाट्सऐप