शरद पूर्णिमा
आश्विन पूर्णिमा; रात्रि में कोजागर लक्ष्मी पूजा।
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- श्रेणीत्योहार
- देवतामाँ लक्ष्मी
- निर्धारक तिथि / क्षणशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: से
- चान्द्र मासआश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
रविवार, 25 अक्टूबर 2026 का समय
- निशीथ काल से 0 घं 51 मि · 25/10/2026 (रवि)
लागू नियम: स्मार्त — तिथि आवश्यक काल को केवल इसी दिन व्याप्त करती है।
पूजा विधि
मंत्र और भक्ति
व्यंजन, कहानियाँ और मंदिर
बनाने के लिए प्रसाद
तिथि का निर्धारण कैसे होता है
- तिथि आश्विन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा है; अमान्त और पूर्णिमान्त दोनों पद्धतियों में मास का नाम एक ही है।
- यह उस दिन होता है जिस दिन निशीथ काल में यह तिथि व्याप्त हो — रात्रि के पन्द्रह मुहूर्तों में आठवाँ, स्थानीय मध्यरात्रि के आसपास।
- यदि तिथि लगातार दो दिन उस काल में व्याप्त हो तो जिस दिन वह उस काल के अधिक भाग में रहे, वह दिन लिया जाता है।
- यदि तिथि किसी भी दिन उस काल को स्पर्श न करे (क्षय तिथि), तो जिस हिन्दू दिन में तिथि सबसे अधिक समय रहे, वह दिन लिया जाता है।
- जिस वर्ष उसी नाम का अधिक मास हो, उस वर्ष यह शुद्ध (निज) मास में मनाया जाता है।
पारम्परिक भिन्नता
यह ऊपर दिए नियम के अनुसार चुने गए स्थान के लिए तिथि है। यही एकमात्र मान्य तिथि नहीं है: क्षेत्रीय पंचांग, पारिवारिक परम्परा और सम्प्रदाय इसे अलग दिन भी मना सकते हैं।
नियम का स्रोत: Tithi–kaal rule of the Dharmashastra digests (Nirnaya Sindhu / Dharma Sindhu), as applied by modern drik-ganita (computed) Panchangs
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।
गणना: इंजन 1.4.2 · नियम rules-2026-09-29-a0a4505e · प्रोफ़ाइल north-lahiri-calibrated v1 · अयनांश lahiri_drik_compat · astronomy-engine@2.1.19 · Asia/Kolkata
2026 की तिथियाँ
| दिनांक | निर्धारक तिथि / क्षण | समय अवधि | निर्णय टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 25/10/2026 (रवि)
अगली
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: से |
|
सामान्य नियम लागू |
2027 की तिथियाँ
| दिनांक | निर्धारक तिथि / क्षण | समय अवधि | निर्णय टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 14/10/2027 (गुरु)
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: से |
|
सामान्य नियम लागू |