पर्व और व्रत · संक्रान्ति

संक्रान्ति 2026

वर्ष के बारह सूर्य राशि प्रवेश, उनके सटीक क्षण और वह दिन जिस पर प्रत्येक संक्रान्ति मनाई जाती है।

नई दिल्ली, Delhi, India 28.6214°, 77.2148° Asia/Kolkata (UTC+05:30) उत्तर भारतीय · लाहिरी (समायोजित)

अगली संक्रान्तितुला संक्रान्ति17/10/2026 (शनि) · 14 दिन बाद
मकर संक्रान्ति14/01/2026 (बुध)262 दिन पहले
कुल122026

संक्रान्ति सूची 2026

तिथि का निर्धारण कैसे होता है

  1. संक्रान्ति वह क्षण है जब सूर्य नई निरयण राशि में प्रवेश करता है; वर्ष में बारह संक्रान्तियाँ होती हैं।
  2. दिन और पुण्य काल हर प्रकार की संक्रान्ति की शास्त्रीय घटियों से (घटी = दिनमान का 1/30): मकर 40 बाद, कर्क 30 पहले, मेष व तुला 10 पहले व बाद, वृषभ, सिंह, वृश्चिक व कुम्भ 16 पहले, मिथुन, कन्या, धनु व मीन 16 बाद, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर; महा पुण्य काल 5 घटी। रात्रि में मध्यरात्रि से पहले की संक्रान्ति उसी दिन के अपराह्न में, मध्यरात्रि के बाद की अगली सुबह (मकर सदा अगले दिन)।
  3. निरयण स्थितियाँ आपकी गणना प्रोफ़ाइल के अयनांश से ली जाती हैं; अलग अयनांश से क्षण कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

सेटिंग: संक्रान्ति पुण्य काल: संक्रान्ति के प्रकार अनुसार शास्त्रीय घटियाँ (अधिकांश उत्तर भारतीय पंचांगों की तरह). धर्मशास्त्र ग्रन्थ अलग-अलग संक्रान्तियों के लिए अलग पुण्य काल बताते हैं और कुछ पंचांग घटी की गणना अलग करते हैं; आपका क्षेत्रीय पंचांग थोड़ी भिन्न अवधि दे सकता है।

परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।

व्रत, एकादशी, श्राद्ध, संक्रान्ति और ध्यान रखने योग्य काल — सब आपके स्थान के लिए गणित।