संक्रान्ति 2026
वर्ष के बारह सूर्य राशि प्रवेश, उनके सटीक क्षण और वह दिन जिस पर प्रत्येक संक्रान्ति मनाई जाती है।
हर संक्रांति से एक शाम पहले और उस सुबह: नई दिल्ली के लिए सूर्य का प्रवेश समय और पुण्य काल।
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अगली संक्रान्तितुला संक्रान्ति17/10/2026 (शनि) · 14 दिन बाद
मकर संक्रान्ति14/01/2026 (बुध)262 दिन पहले
कुल122026
संक्रान्ति सूची 2026
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मकर संक्रान्ति
मकर
- सटीक क्षण
14/01/2026 (बुध)- मनाई जाएगी
- 14/01/2026 (बुध)
- पुण्य काल से 2 घं 32 मि
- महा पुण्य काल से 1 घं 45 मि
यही तिथि क्यों?
- दिन में संक्रान्ति (अयन: मकर 40 घटी बाद, कर्क 30 घटी पहले), सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर।
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कुम्भ संक्रान्ति
कुम्भ
- सटीक क्षण
13/02/2026 (शुक्र)- मनाई जाएगी
- 13/02/2026 (शुक्र)
- पुण्य काल से 5 घं 34 मि
- महा पुण्य काल से 1 घं 51 मि
यही तिथि क्यों?
- रात्रि में मध्यरात्रि के बाद संक्रान्ति: पुण्य काल अगले दिन सूर्योदय से मध्याह्न तक।
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मीन संक्रान्ति
मीन
- सटीक क्षण
15/03/2026 (रवि)- मनाई जाएगी
- 15/03/2026 (रवि)
- पुण्य काल से 5 घं 59 मि
- महा पुण्य काल से 2 घं 0 मि
यही तिथि क्यों?
- रात्रि में मध्यरात्रि के बाद संक्रान्ति: पुण्य काल अगले दिन सूर्योदय से मध्याह्न तक।
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मेष संक्रान्ति
मेष
- सटीक क्षण
14/04/2026 (मंगल)- मनाई जाएगी
- 14/04/2026 (मंगल)
- पुण्य काल से 7 घं 58 मि
- महा पुण्य काल से 4 घं 16 मि
यही तिथि क्यों?
- दिन में संक्रान्ति (विषुव: मेष या तुला), 10 घटी पहले व बाद, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर।
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वृषभ संक्रान्ति
वृषभ
- सटीक क्षण
15/05/2026 (शुक्र)- मनाई जाएगी
- 15/05/2026 (शुक्र)
- पुण्य काल से 0 घं 58 मि
- महा पुण्य काल से 0 घं 58 मि
यही तिथि क्यों?
- दिन में संक्रान्ति (विष्णुपदी: वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुम्भ), 16 घटी पहले, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर।
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मिथुन संक्रान्ति
मिथुन
- सटीक क्षण
15/06/2026 (सोम)- मनाई जाएगी
- 15/06/2026 (सोम)
- पुण्य काल से 6 घं 21 मि
- महा पुण्य काल से 2 घं 20 मि
यही तिथि क्यों?
- दिन में संक्रान्ति (षडशीति: मिथुन, कन्या, धनु, मीन), 16 घटी बाद, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर।
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कर्क संक्रान्ति
कर्क
- सटीक क्षण
16/07/2026 (गुरु)- मनाई जाएगी
- 16/07/2026 (गुरु)
- पुण्य काल से 6 घं 53 मि
- महा पुण्य काल से 2 घं 18 मि
यही तिथि क्यों?
- रात्रि में मध्यरात्रि से पहले संक्रान्ति: पुण्य काल उसी दिन मध्याह्न से सूर्यास्त तक।
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सिंह संक्रान्ति
सिंह
- सटीक क्षण
17/08/2026 (सोम)- मनाई जाएगी
- 17/08/2026 (सोम)
- पुण्य काल से 2 घं 13 मि
- महा पुण्य काल से 2 घं 11 मि
यही तिथि क्यों?
- दिन में संक्रान्ति (विष्णुपदी: वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुम्भ), 16 घटी पहले, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर।
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कन्या संक्रान्ति
कन्या
- सटीक क्षण
17/09/2026 (गुरु)- मनाई जाएगी
- 17/09/2026 (गुरु)
- पुण्य काल से 6 घं 33 मि
- महा पुण्य काल से 2 घं 3 मि
यही तिथि क्यों?
- दिन में संक्रान्ति (षडशीति: मिथुन, कन्या, धनु, मीन), 16 घटी बाद, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर।
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अगली · 14 दिन बाद
तुला संक्रान्ति
तुला
- सटीक क्षण
17/10/2026 (शनि)- मनाई जाएगी
- 17/10/2026 (शनि)
- पुण्य काल से 5 घं 43 मि
- महा पुण्य काल से 1 घं 54 मि
यही तिथि क्यों?
- रात्रि में मध्यरात्रि से पहले संक्रान्ति: पुण्य काल उसी दिन मध्याह्न से सूर्यास्त तक।
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वृश्चिक संक्रान्ति
वृश्चिक
- सटीक क्षण
16/11/2026 (सोम)- मनाई जाएगी
- 16/11/2026 (सोम)
- पुण्य काल से 5 घं 21 मि
- महा पुण्य काल से 1 घं 47 मि
यही तिथि क्यों?
- रात्रि में मध्यरात्रि से पहले संक्रान्ति: पुण्य काल उसी दिन मध्याह्न से सूर्यास्त तक।
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धनु संक्रान्ति
धनु
- सटीक क्षण
16/12/2026 (बुध)- मनाई जाएगी
- 16/12/2026 (बुध)
- पुण्य काल से 5 घं 31 मि
- महा पुण्य काल से 1 घं 43 मि
यही तिथि क्यों?
- दिन में संक्रान्ति (षडशीति: मिथुन, कन्या, धनु, मीन), 16 घटी बाद, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर।
तिथि का निर्धारण कैसे होता है
- संक्रान्ति वह क्षण है जब सूर्य नई निरयण राशि में प्रवेश करता है; वर्ष में बारह संक्रान्तियाँ होती हैं।
- दिन और पुण्य काल हर प्रकार की संक्रान्ति की शास्त्रीय घटियों से (घटी = दिनमान का 1/30): मकर 40 बाद, कर्क 30 पहले, मेष व तुला 10 पहले व बाद, वृषभ, सिंह, वृश्चिक व कुम्भ 16 पहले, मिथुन, कन्या, धनु व मीन 16 बाद, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर; महा पुण्य काल 5 घटी। रात्रि में मध्यरात्रि से पहले की संक्रान्ति उसी दिन के अपराह्न में, मध्यरात्रि के बाद की अगली सुबह (मकर सदा अगले दिन)।
- निरयण स्थितियाँ आपकी गणना प्रोफ़ाइल के अयनांश से ली जाती हैं; अलग अयनांश से क्षण कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
सेटिंग: संक्रान्ति पुण्य काल: संक्रान्ति के प्रकार अनुसार शास्त्रीय घटियाँ (अधिकांश उत्तर भारतीय पंचांगों की तरह). धर्मशास्त्र ग्रन्थ अलग-अलग संक्रान्तियों के लिए अलग पुण्य काल बताते हैं और कुछ पंचांग घटी की गणना अलग करते हैं; आपका क्षेत्रीय पंचांग थोड़ी भिन्न अवधि दे सकता है।
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।
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