पर्व और व्रत · पितृ पक्ष

पितृ पक्ष (श्राद्ध) 2027

पितृ पक्ष की प्रत्येक तिथि के श्राद्ध का दिन, और दोपहर बाद के वे काल जिनमें पारम्परिक रूप से श्राद्ध कर्म किए जाते हैं।

नागपुर, Maharashtra, India 21.1463°, 79.0849° Asia/Kolkata (UTC+05:30) उत्तर भारतीय · लाहिरी (समायोजित)

पितृ पक्ष15/09/2027 (बुध) – 29/09/2027 (बुध)15 दिन
अगला श्राद्धपूर्णिमा श्राद्ध15/09/2027 (बुध) · 339 दिन बाद
कुल16श्राद्ध तिथियाँ

श्राद्ध तिथियाँ

  1. बुधवार, 15 सितंबर 2027

    पूर्णिमा श्राद्ध 339 दिन बाद

    शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  2. गुरुवार, 16 सितंबर 2027

    प्रतिपदा श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष प्रतिपदा: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  3. शुक्रवार, 17 सितंबर 2027

    द्वितीया श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष द्वितीया: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  4. शनिवार, 18 सितंबर 2027

    तृतीया श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष तृतीया: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  5. रविवार, 19 सितंबर 2027

    चतुर्थी श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष चतुर्थी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  6. सोमवार, 20 सितंबर 2027

    पंचमी श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष पंचमी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  7. मंगलवार, 21 सितंबर 2027

    षष्ठी श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष षष्ठी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  8. बुधवार, 22 सितंबर 2027

    सप्तमी श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष सप्तमी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  9. गुरुवार, 23 सितंबर 2027

    अष्टमी श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष अष्टमी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  10. शुक्रवार, 24 सितंबर 2027

    नवमी (अविधवा नवमी) श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष नवमी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  11. शनिवार, 25 सितंबर 2027

    दशमी श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष दशमी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  12. रविवार, 26 सितंबर 2027

    एकादशी श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष एकादशी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  13. सोमवार, 27 सितंबर 2027

    द्वादशी श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष द्वादशी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  14. मंगलवार, 28 सितंबर 2027

    त्रयोदशी श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष त्रयोदशी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  15. मंगलवार, 28 सितंबर 2027

    चतुर्दशी (घात चतुर्दशी) श्राद्ध

    कृष्ण पक्ष चतुर्दशी: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से
  16. बुधवार, 29 सितंबर 2027

    सर्व पितृ अमावस्या (महालया) प्रमुख

    कृष्ण पक्ष अमावस्या: से

    • कुतुप मुहूर्त से
    • रौहिण मुहूर्त से
    • अपराह्न से

जब एक ही दिन अपराह्न में दो तिथियाँ हों, तो दोनों श्राद्ध उसी दिन होते हैं; जब कोई तिथि क्षय हो, तो उसका श्राद्ध पास की तिथि के साथ एक ही दिन पड़ता है।

श्राद्ध का दिन कैसे चुना जाता है

पितर का श्राद्ध उनकी मृत्यु तिथि पर किया जाता है। श्राद्ध का दिन वह है जिस दिन वह तिथि अपराह्न (दिनमान के पाँच बराबर भागों में चौथा भाग) में व्याप्त हो; यदि दो दिन अपराह्न को स्पर्श करे तो अधिक व्याप्ति वाला दिन लिया जाता है।

कुतुप मुहूर्त दिन के पन्द्रह मुहूर्तों में आठवाँ और रौहिण मुहूर्त नौवाँ है; इनके बाद अपराह्न काल आता है। श्राद्ध कर्म प्रायः कुतुप या रौहिण में आरम्भ कर अपराह्न समाप्त होने से पहले पूरे किए जाते हैं।

चतुर्दशी श्राद्ध पारम्परिक रूप से उन पितरों के लिए है जिनकी मृत्यु शस्त्र, दुर्घटना या अन्य अकाल कारण से हुई हो। जिनका स्वाभाविक देहान्त चतुर्दशी को हुआ हो, उनका श्राद्ध प्रायः सर्व पितृ अमावस्या को किया जाता है।

सर्व पितृ अमावस्या (महालया) सभी पितरों के लिए है, उनके लिए भी जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है।

परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।

व्रत, एकादशी, श्राद्ध, संक्रान्ति और ध्यान रखने योग्य काल — सब आपके स्थान के लिए गणित।