आज का श्लोक

आज का श्लोक बुधवार, 28 जनवरी 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

मुण्डकोपनिषद् 3.1.6

सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः ।satyameva jayate nānṛtaṃ satyena panthā vitato devayānaḥ |

येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत् सत्यस्य परमं निधानम् ॥yenākramantyṛṣayo hyāptakāmā yatra tat satyasya paramaṃ nidhānam ||

अर्थ

सत्य की ही विजय होती है, असत्य की नहीं। सत्य से ही वह देवयान मार्ग बना है जिस पर पूर्णकाम ऋषि सत्य के परम धाम तक जाते हैं।

Truth alone triumphs, not falsehood. By truth is laid the divine path on which sages, their desires fulfilled, travel to the supreme abode of truth.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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