आज का श्लोक

आज का श्लोक बुधवार, 6 मई 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 2.23

नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः ।nainaṃ chindanti śastrāṇi nainaṃ dahati pāvakaḥ |

न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ॥na cainaṃ kledayantyāpo na śoṣayati mārutaḥ ||

अर्थ

आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न आग जला सकती है, न पानी गीला कर सकता है और न हवा सुखा सकती है।

Weapons do not cut the self, fire does not burn it, water does not wet it and wind does not dry it.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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