आज का श्लोक

आज का श्लोक सोमवार, 6 जुलाई 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 3.8

नियतं कुरु कर्म त्वं कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः ।niyataṃ kuru karma tvaṃ karma jyāyo hyakarmaṇaḥ |

शरीरयात्रापि च ते न प्रसिद्ध्येदकर्मणः ॥śarīrayātrāpi ca te na prasiddhyedakarmaṇaḥ ||

अर्थ

अपना नियत कर्म करो, क्योंकि कर्म न करने से कर्म करना श्रेष्ठ है; कर्म के बिना तो शरीर का निर्वाह भी सम्भव नहीं।

Do your prescribed work, for action is better than inaction; without action even the maintenance of your body would not be possible.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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