भगवान शिव शिवः
महादेव — कल्याणकारी, योगेश्वर और परिवर्तन के देवता; शैव परम्पराओं के केन्द्रीय आराध्य।
अन्य नाम: Shiv · Mahadev · Mahadeva · Shankar · Bholenath · Rudra · Mahesh · Neelkanth · Shambhu · शिव · महादेव · शंकर · भोलेनाथ · रुद्र · महेश · शम्भु
परिचय
शिव की पूजा लिंग रूप में तथा नटराज, अर्धनारीश्वर, दक्षिणामूर्ति आदि विग्रहों में होती है। शैव परम्पराएँ (जैसे शैव सिद्धान्त और काश्मीर शैव दर्शन) उन्हें परम तत्त्व मानती हैं; स्मार्त पंचायतन पूजा में वे पाँच देवों में से एक हैं।
सोमवार, मासिक प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि परम्परा से उनकी उपासना से जुड़े हैं, और महाशिवरात्रि उनकी वार्षिक महारात्रि है। बारह ज्योतिर्लिंग प्रमुख तीर्थों में गिने जाते हैं।
चालीसा
मन्त्र
गायत्री
स्तोत्र
स्तुति
अष्टकम्
प्रार्थना
पूजा विधि
अभी संग्रह में नहीं
- आरतीअभी तक संग्रह में कोई सत्यापित आरती नहीं जोड़ा गया है।
- बीज मन्त्रकोई सर्वमान्य रूप अभी नहीं जोड़ा गया है। परम्परा-विशिष्ट रूप उपलब्ध हो सकते हैं।
- कवचअभी तक संग्रह में कोई सत्यापित कवच नहीं जोड़ा गया है।
- सहस्रनामअभी तक संग्रह में कोई सत्यापित सहस्रनाम नहीं जोड़ा गया है।
- नामावलीअभी तक संग्रह में कोई सत्यापित नामावली नहीं जोड़ा गया है।
यहाँ किसी प्रविष्टि का अर्थ है कि पाठ अभी जोड़ा या सत्यापित नहीं हुआ — इसका अर्थ यह कभी नहीं कि परम्परा में वह नहीं है। जहाँ कोई रूप किसी प्रलेखित परम्परा में स्थापित नहीं है, वहाँ यह स्पष्ट लिखा है।
पर्व और व्रत
पंचांग और ज्योतिष
परम्परा से जुड़े वार: सोमवार।
ये पारम्परिक सम्बन्ध हैं, नियम नहीं; किसी दिन कोई पाठ अनिवार्य नहीं है।
रूप
पाठ केवल दर्ज स्रोत के साथ जोड़े जाते हैं, इन्हें AI से न लिखा जाता है न बदला जाता है, और हर पाठ उसी परम्परा या संस्करण के रूप में दिखाया जाता है जिससे वह आता है। साधनाओं को परम्परा के रूप में बताया जाता है, निश्चित परिणाम के रूप में कभी नहीं। हम पाठ कैसे चुनते और जाँचते हैं