आज का श्लोक

आज का श्लोक गुरुवार, 29 जनवरी 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

पारम्परिक प्रार्थना

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ।sarve bhavantu sukhinaḥ sarve santu nirāmayāḥ |

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥sarve bhadrāṇi paśyantu mā kaścidduḥkhabhāgbhavet ||

अर्थ

सब सुखी हों, सब रोगमुक्त हों, सब शुभ देखें और किसी को भी दुःख न मिले।

May all be happy, may all be free from illness, may all see what is good, and may no one suffer.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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