आज का श्लोक मंगलवार, 26 मई 2026
भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।
अमृतबिन्दु उपनिषद् 2
मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः ।mana eva manuṣyāṇāṃ kāraṇaṃ bandhamokṣayoḥ |
बन्धाय विषयासक्तं मुक्त्यै निर्विषयं स्मृतम् ॥bandhāya viṣayāsaktaṃ muktyai nirviṣayaṃ smṛtam ||
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अर्थ
मन ही मनुष्यों के बन्धन और मोक्ष का कारण है। विषयों में आसक्त मन बन्धन का और विषयों से मुक्त मन मोक्ष का कारण है।
The mind alone is the cause of bondage and freedom. Attached to sense objects it binds; free of them it liberates.
अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।
पिछले श्लोक
पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।
- 25/05/2026 (सोम) पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति । श्रीमद्भगवद्गीता 9.26
- 24/05/2026 (रवि) बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदुष्कृते । श्रीमद्भगवद्गीता 2.50
- 23/05/2026 (शनि) काकः कृष्णः पिकः कृष्णः को भेदः पिककाकयोः । पारम्परिक सुभाषित
- 22/05/2026 (शुक्र) ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते । बृहदारण्यकोपनिषद् 5.1.1
- 21/05/2026 (गुरु) विद्याविनयसम्पन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि । श्रीमद्भगवद्गीता 5.18
- 20/05/2026 (बुध) भज गोविन्दं भज गोविन्दं गोविन्दं भज मूढमते । भज गोविन्दम् (आदि शंकराचार्य) 1
- 19/05/2026 (मंगल) सं गच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनांसि जानताम् । ऋग्वेद 10.191.2
- 18/05/2026 (सोम) अहमात्मा गुडाकेश सर्वभूताशयस्थितः । श्रीमद्भगवद्गीता 10.20
- 17/05/2026 (रवि) आपूर्यमाणमचलप्रतिष्ठं समुद्रमापः प्रविशन्ति यद्वत् । श्रीमद्भगवद्गीता 2.70
- 16/05/2026 (शनि) क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत् । पारम्परिक सुभाषित
- 15/05/2026 (शुक्र) श्रेयश्च प्रेयश्च मनुष्यमेतस्तौ सम्परीत्य विविनक्ति धीरः । कठोपनिषद् 1.2.2
- 14/05/2026 (गुरु) यथा दीपो निवातस्थो नेङ्गते सोपमा स्मृता । श्रीमद्भगवद्गीता 6.19
- 13/05/2026 (बुध) अशोच्यानन्वशोचस्त्वं प्रज्ञावादांश्च भाषसे । श्रीमद्भगवद्गीता 2.11
- 12/05/2026 (मंगल) उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः । हितोपदेश, प्रस्ताविका 36
- 11/05/2026 (सोम) ममैवांशो जीवलोके जीवभूतः सनातनः । श्रीमद्भगवद्गीता 15.7
- 10/05/2026 (रवि) प्रकृतेः क्रियमाणानि गुणैः कर्माणि सर्वशः । श्रीमद्भगवद्गीता 3.27
- 09/05/2026 (शनि) कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती । पारम्परिक प्रार्थना
- 08/05/2026 (शुक्र) मातृदेवो भव । तैत्तिरीयोपनिषद् 1.11.2
- 07/05/2026 (गुरु) मनुष्याणां सहस्रेषु कश्चिद्यतति सिद्धये । श्रीमद्भगवद्गीता 7.3
- 06/05/2026 (बुध) नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः । श्रीमद्भगवद्गीता 2.23
- 05/05/2026 (मंगल) सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम् । किरातार्जुनीयम् (भारवि) 2.30
- 04/05/2026 (सोम) यतः प्रवृत्तिर्भूतानां येन सर्वमिदं ततम् । श्रीमद्भगवद्गीता 18.46
- 03/05/2026 (रवि) ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम् । श्रीमद्भगवद्गीता 4.24
- 02/05/2026 (शनि) सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । देवी माहात्म्य (दुर्गा सप्तशती) 11.10
- 01/05/2026 (शुक्र) स य एषोऽणिमैतदात्म्यमिदं सर्वं तत्सत्यं स आत्मा । छान्दोग्योपनिषद् 6.8.7
- 30/04/2026 (गुरु) अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते । श्रीमद्भगवद्गीता 9.22
- 29/04/2026 (बुध) योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय । श्रीमद्भगवद्गीता 2.48
- 28/04/2026 (मंगल) अपि क्रियार्थं सुलभं समित्कुशं जलान्यपि स्नानविधिक्षमाणि ते । कुमारसम्भवम् (कालिदास) 5.33
- 27/04/2026 (सोम) यस्तु सर्वाणि भूतान्यात्मन्येवानुपश्यति । ईशावास्योपनिषद् 6
- 26/04/2026 (रवि) ब्रह्मण्याधाय कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा करोति यः । श्रीमद्भगवद्गीता 5.10