आज का श्लोक

आज का श्लोक शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 2.38

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ ।sukhaduḥkhe same kṛtvā lābhālābhau jayājayau |

ततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि ॥tato yuddhāya yujyasva naivaṃ pāpamavāpsyasi ||

अर्थ

सुख-दुःख, लाभ-हानि और जय-पराजय को समान मानकर अपने कर्तव्य में लगो; ऐसा करने से तुम्हें पाप नहीं लगेगा।

Treat pleasure and pain, gain and loss, victory and defeat alike, and then take up your duty; acting this way you incur no fault.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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