आज का श्लोक

आज का श्लोक रविवार, 26 जुलाई 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

मनुस्मृति 8.15

धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः ।dharma eva hato hanti dharmo rakṣati rakṣitaḥ |

तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत् ॥tasmāddharmo na hantavyo mā no dharmo hato'vadhīt ||

अर्थ

नष्ट किया गया धर्म नष्ट करने वाले का नाश करता है और रक्षा किया गया धर्म रक्षक की रक्षा करता है। इसलिए धर्म का नाश न करो, कहीं नष्ट धर्म हमारा नाश न कर दे।

Righteousness destroyed destroys; righteousness protected protects. So never violate dharma, lest violated dharma destroy us.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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